इज़राइल में फिर बनेगी नेतन्याहू की सरकार? बहुमत से दूर सत्ताधारी गठबंधन, नई सरकार बनाने के लिए सियासी जोड़-तोड़ तेज

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इंटरनेशनल न्यूज़ | ECARDSNAP NEWS | 2 नवंबर 2026

यरुशलम: इज़राइल में हुए आम चुनाव के बाद नई सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उनके नेतृत्व वाला गठबंधन स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नेतन्याहू एक बार फिर गठबंधन सरकार बनाने में सफल होंगे या विपक्ष के नेता गादी आइज़नकोट सत्ता परिवर्तन कर पाएँगे?

चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलीं?

27 अक्टूबर को हुए चुनाव के अंतिम मतगणना परिणामों के अनुसार:

  • नेतन्याहू की लिकुड पार्टी: 27 सीटें

  • गादी आइज़नकोट की याशार पार्टी: 21 सीटें

  • नेतन्याहू समर्थक गठबंधन: 53 सीटें

  • विरोधी गठबंधन: 48 सीटें

  • अरब नेतृत्व वाली पार्टियाँ: 19 सीटें

इज़राइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है।

क्या नेतन्याहू फिर प्रधानमंत्री बन सकते हैं?

नेतन्याहू फिलहाल प्रधानमंत्री बने हुए हैं, लेकिन नए चुनावी परिणामों के बाद उन्हें दोबारा बहुमत जुटाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

उन्हें सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों या सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा।

वहीं विपक्ष भी नई सरकार बनाने की कोशिश में जुटा है।

विपक्ष ने भी तेज की कोशिशें

पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की पार्टी ने गादी आइज़नकोट को नई सरकार बनाने का अवसर देने का समर्थन किया है।

अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के पास कुल 19 सीटें हैं। ऐसे में नई सरकार के गठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

हालांकि विपक्षी पार्टियों के बीच राजनीतिक मतभेद भी हैं, जिससे गठबंधन बनाना आसान नहीं होगा।

अब राष्ट्रपति की भूमिका महत्वपूर्ण

इज़राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग चुनावी परिणामों के बाद राजनीतिक दलों से बातचीत करेंगे।

इसके बाद वह ऐसे नेता को सरकार बनाने का अवसर देंगे, जिसके पास बहुमत जुटाने की बेहतर संभावना होगी।

सरकार बनाने की जिम्मेदारी मिलने वाले नेता को शुरुआत में 28 दिन दिए जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अवधि बढ़ाने का प्रावधान भी है।

अगर कोई सरकार नहीं बना पाया तो?

यदि राजनीतिक दल जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाए, तो गठबंधन वार्ताएँ लंबी चल सकती हैं। राजनीतिक गतिरोध जारी रहने की स्थिति में इज़राइल को एक और चुनाव का सामना भी करना पड़ सकता है।

दुनिया की नजर इज़राइल की राजनीति पर

इज़राइल में सरकार के गठन का असर पश्चिम एशिया की राजनीति, गाजा से जुड़े फैसलों, ईरान के साथ संबंधों और अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है।

निष्कर्ष: नेतन्याहू की पार्टी चुनाव में सबसे बड़ी जरूर बनी है, लेकिन नई सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला अभी बाकी है।

स्रोत: Associated Press, The Jerusalem Post, CBS News और अमेरिकी Congressional Research Service की 29 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 के बीच प्रकाशित रिपोर्टें।

 

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