युवाओं पर बढ़ता कर्ज और आर्थिक तनाव! भारत में आत्महत्या के चिंताजनक आंकड़े, EMI और दिखावे की जिंदगी से रहें सावधान

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 सोशल अवेयरनेस | ECARDSNAP NEWS | 2 नवंबर 2026

नई दिल्ली: आज के दौर में महंगे मोबाइल, नई कार, ब्रांडेड कपड़े, घूमना-फिरना और सोशल मीडिया पर अच्छी लाइफस्टाइल दिखाने की चाह कई युवाओं के खर्च बढ़ा रही है। आसान EMI, क्रेडिट कार्ड और तुरंत मिलने वाले पर्सनल लोन से खरीदारी करना आसान हुआ है, लेकिन बिना आर्थिक योजना के लिया गया कर्ज गंभीर तनाव की वजह बन सकता है।

भारत में मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या के आंकड़े भी चिंता पैदा करते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, वर्ष 2024 में देश में आत्महत्या के 1,70,746 मामले दर्ज हुए। इनमें 14,488 विद्यार्थी थे। विद्यार्थियों के मामलों में 2023 की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि कुल मामलों में मामूली कमी आई।

विशेषज्ञ बताते हैं कि आत्महत्या के पीछे मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक परिस्थितियाँ, रिश्ते, आर्थिक परेशानियाँ और अन्य कई कारण हो सकते हैं। इसे केवल कर्ज या किसी एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा।

दिखावे की जिंदगी और EMI का बढ़ता बोझ

कई लोग अपनी आमदनी से अधिक खर्च करके महंगे मोबाइल, बाइक, कार और दूसरी गैरजरूरी चीजें खरीद लेते हैं।

शुरुआत में छोटी EMI आसान लगती है, लेकिन जब एक साथ कई किस्तें, घर का खर्च और दूसरी जिम्मेदारियाँ आती हैं, तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

याद रखें, दूसरों को प्रभावित करने के लिए लिया गया कर्ज आपकी आर्थिक आजादी कम कर सकता है।

आर्थिक तनाव से बचने के लिए अपनाएँ ये 6 आदतें

1. आमदनी के अनुसार खर्च करें

हर महीने कितना पैसा आ रहा है और कितना खर्च हो रहा है, इसका हिसाब रखें। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें।

2. गैरजरूरी EMI से बचें

महंगे मोबाइल, लग्जरी सामान और मौज-शौक के लिए कर्ज लेने से पहले सोचें कि क्या यह खरीदारी वास्तव में जरूरी है।

3. क्रेडिट कार्ड सोच-समझकर इस्तेमाल करें

क्रेडिट कार्ड मुफ्त पैसा नहीं है। समय पर पूरा बिल न चुकाने से ब्याज और अन्य शुल्क बढ़ सकते हैं।

4. इमरजेंसी फंड बनाएँ

अपनी क्षमता के अनुसार हर महीने थोड़ी बचत करें। धीरे-धीरे तीन से छह महीने के जरूरी खर्चों जितनी बचत बनाने का लक्ष्य उपयोगी हो सकता है।

5. सोशल मीडिया के दिखावे से तुलना न करें

किसी दूसरे व्यक्ति की कार, कपड़े या घूमने-फिरने की तस्वीरें देखकर अपनी आर्थिक क्षमता से बाहर खर्च करने की जरूरत नहीं है।

6. परेशानी होने पर मदद माँगें

कर्ज चुकाने में कठिनाई हो तो बैंक से समय रहते बात करें, विश्वसनीय वित्तीय सलाह लें और परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य से स्थिति साझा करें।

क्या सभी बैंक लोन गलत हैं?

नहीं। घर, शिक्षा या कारोबार के लिए सोच-समझकर लिया गया लोन उपयोगी हो सकता है। समस्या तब होती है जब व्यक्ति अपनी भुगतान क्षमता से अधिक कर्ज ले लेता है या पुराने कर्ज को चुकाने के लिए बार-बार नया कर्ज लेता है।

मानसिक तनाव को नजरअंदाज न करें

लगातार चिंता, नींद की समस्या, निराशा या अत्यधिक तनाव होने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना जरूरी है।

अगर कोई व्यक्ति आत्महत्या के विचार व्यक्त करे, तो उसकी बात गंभीरता से सुनें और तत्काल पेशेवर सहायता दिलाने का प्रयास करें।

भारत में मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।

निष्कर्ष: दिखावे से ज्यादा जरूरी है आर्थिक सुकून

महंगी चीजें खरीदना सफलता की एकमात्र पहचान नहीं है। आर्थिक सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य की बचत भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

“आज दिखावे पर नियंत्रण, कल आर्थिक परेशानियों से बेहतर सुरक्षा।”

स्रोत: NCRB की ADSI 2024 रिपोर्ट, RBI और SEBI की वित्तीय जागरूकता सामग्री तथा भारत सरकार का Tele-MANAS कार्यक्रम।

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